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    Friday, 31 March 2017

    1 अप्रैल से एसबीआई की इन बैंकिंग सर्विसेज के लिए देना होगा चार्ज !

    1 अप्रैल से एसबीआई की इन बैंकिंग सर्विसेज के लिए देना होगा चार्ज !


    1 अप्रैल से एसबीआई की इन बैंकिंग सर्विसेज के लिए देना होगा चार्ज !

    अगर आपका बैंक अकाउंट स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है तो आपके लिए 1 अप्रैल से बहुत से ऐसे बदलाव होने वाले हैं जो आपको जरूर जानना चाहिए. एसबीआई के सभी खातों धारकों के लिए कैश जमा करने और कैश निकालने से जुड़े नियमों में बदलाव लागू हो जाएंगे.
    • पहली अप्रैल से सभी बैंकों की तरह एसबीआई में सिर्फ 2 लाख रुपये नकद लेन-देन की सुविधा ही मुफ्त मिलेगी. इससे ज्यादा यदि कोई कैश देगा तो पेमेंट हासिल करने वालो को उतनी ही बराबर रकम जुर्माने के तौर पर चुकाने होगी. मसलन यदि किसी ने 2.5 लाख रुपये का नकद भुगतान किया तो पेनल्टी की रकम 2.5 लाख रुपये होगी.
    • जनधन खातों समेत वित्तीय समावेशन ये कि लिए खोले गए खातों को छोड़ बाकी सभी सेविग्स बैंक अकाउंट में 3 बार नगद लेनदेन पर कोई फीस नहीं. उसके बाद हर लेनदेन पर फीस देनी होगी. ये फीस सर्विस टैक्स मिलाकर 57 रुपये 50 पैसे बनती है.
    • गौर करने की बात ये है कि ये शर्त केवल उस परिस्थिति में लागू होगी जब आप उसी शाखा में जाते हैं जहां आपका बैंक खाता है. किसी भी दूसरे शाखा में जाने की सूरत में ये शर्त लागू नहीं होगी. एक और बात, सामान्य करेंट अकाउंट के लिए अलग शर्त होगी, वहां 25,000 रुपये प्रति दिन तक लेनदेन की सूरत में कोई चार्ज नही लगेगा. इसके ऊपर की रकम पर कम से कम चार्ज 57 रुपये 50 पैसे लगेगा
    • जनधन खातों, बेसिक सेविंग अकाउंट और कॉरपोरेट सैलरी प्लान (किसी कंपनी के सभी कर्मचारियों का सैलरी खाता) को छोड़ बाकी खातों में हर महीने कम से कम औसत बकाया यानी मंथली एवरेज बैलेंस के लिए नई शर्तें भी जान लीजिए.
    मेट्रो शहरों में कम से कम बैलेंस 5000 रुपये
    महानगरों को छोड़ बाकी शहरों में कम से कम बैलेंस 3000 रुपये
    अर्द्ध शहरी-सब अर्बन इलाकों के लिए कम से कम बैलेंस 2000 रुपये
    भारतीय स्टेट बैंक के 5 एसोसिएट बैंकों- स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ मैसूर, स्टेट बैक ऑफ त्रावणकोर और स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर का विलय पहली अप्रैल से प्रभावी होंगे. मतलब ये इन पांचों बैंकों की शाखा और ग्राहक पहली अप्रेल से भारतीय स्टेट बैंक की शाखा और ग्राहक कहलाएंगे. नई व्यवस्था में भारतीय स्टेट बैंक की 23 हजार शाखाएं होंगी और कुल 21 हजार एटीएम. सहयोगी बैंक के ग्राहकों को काफी कुछ सुविधाएं तो पहली अप्रैल से ही मिलने लगेगी, लेकिन नॉन होम ब्रांच (जिस शाखा में आपका खाता है, उसके अलावा दूसरी शाखा) में जाकर लेन-देन की सुविधा हासिल करने में कुछ समय लगेगा.

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